छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर अभद्र टिप्पणी का मामला गरमाया, इंस्टाग्राम पर 'जातिसूचक शब्द' कहने वाली महिला के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज
कबीरधाम (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से अभद्र और जातिसूचक टिप्पणी करने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। कबीरधाम (कवर्धा) जिले के पंडरिया थाने में एक महिला के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के लिए लिखित आवेदन सौंपा गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय आदिवासी समाज और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कबीरधाम जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम सरैहा (दुल्लापुर बाजार) निवासी सचिन मरावी ने पंडरिया थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा है। शिकायत में बताया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अनिता वर्मा नाम की एक महिला, जिसका यूजर हैंडल anitavarma972 है, ने एक वीडियो अपलोड किया है।
आरोप है कि उक्त महिला ने इस वीडियो में प्रदेश के मुखिया, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया है। महिला पर आरोप है कि उसने वीडियो में मुख्यमंत्री को "गोंड़ गंवार" संबोधित करते हुए जातिगत उलाहना दी है और उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि को लेकर अभद्र टिप्पणी की है।
भावनाओं को पहुंची ठेस, समाज में आक्रोश
शिकायतकर्ता सचिन मरावी ने पुलिस को दिए अपने आवेदन में कहा है कि जब उन्होंने और समाज के अन्य लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस वीडियो को देखा, तो उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची। शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि देश के संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति और आदिवासी समाज के प्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी पूरे समाज का अपमान है। ऐसी जातिवादी मानसिकता से समाज का सौहार्द बिगड़ सकता है।
पुलिस को सौंपे गए तकनीकी साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन को शिकायत पत्र के साथ पुख्ता तकनीकी सबूत भी सौंपे हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। पुलिस को दिए गए दस्तावेजों में शामिल हैं:
1. संबंधित इंस्टाग्राम आईडी (anitavarma972) के स्क्रीनशॉट की फोटोकॉपी।
2. महिला द्वारा बोले गए विवादित और आपत्तिजनक वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग, जिसे एक पेनड्राइव में सुरक्षित कर पुलिस को सौंपा गया है।
पूरा वीडियो देखें 👇
👉 फिलहाल उन्होंने ये वीडियो अपने अकाउंट से हटा दिया है।
SC/ST एक्ट के तहत एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग
शिकायतकर्ता और स्थानीय ग्रामीणों ने पंडरिया थाना प्रभारी से मांग की है कि इस जातिवादी मानसिकता से ग्रसित महिला के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (SC/ST Act) के तहत तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जाए।
आवेदन में महिला को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने का सहयोग मांगा गया है, ताकि समाज में एक सख्त संदेश जाए और भविष्य में कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या किसी अन्य सार्वजनिक मंच पर किसी जाति विशेष या जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की अनर्गल टिप्पणी, बयानबाजी या अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का दुस्साहस न कर सके।
पुलिस जांच में जुटा प्रशासन
थाने में लिखित आवेदन और साक्ष्य जमा होने के बाद, पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से उक्त इंस्टाग्राम अकाउंट और वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कानून सम्मत उचित कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है।


Post a Comment