कुकदूर में अंधे कत्ल का खुलासा: प्रेमसिंह बैगा की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया, ससुर-दामाद गिरफ्तार
कबीरधाम | 13 अगस्त 2026
कुकदूर थाना क्षेत्र के ग्राम बिजोराटोला में प्रेमसिंह बैगा की कथित आत्महत्या के मामले ने जांच के दौरान हत्या का रूप ले लिया। घटनास्थल पर मिले चोट के निशानों ने पुलिस को संदेह में डाला और जांच आगे बढ़ने पर कथित हत्या की पूरी कहानी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, बैगाई-गुनियाई और झाड़-फूंक की बात को लेकर हुए विवाद के बाद ससुर-दामाद ने प्रेमसिंह के साथ मारपीट की और साड़ी से गला कसकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को घर के म्यार में साड़ी के सहारे लटका दिया गया।
आत्महत्या की सूचना से शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, ग्राम बिजोराटोला में प्रेमसिंह बैगा के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिलने पर थाना कुकदूर में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। घटनास्थल के निरीक्षण और शव पंचनामा के दौरान मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए। इसके बाद मामला संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं से जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक कबीरधाम जितेन्द्र कुमार यादव (भापुसे) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी भूपत सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना प्रभारी कुकदूर निरीक्षक संतोष मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
शराब पीने के बाद हुआ विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि 8 अगस्त 2026 को ग्राम कांदावानी निवासी छत्तर सिंह बैगा अपने दामाद चैतराम बैगा के साथ बैगाई-गुनियाई एवं झाड़-फूंक के सिलसिले में ग्राम बिजोराटोला पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने प्रेमसिंह बैगा के साथ शराब का सेवन किया।
इसी दौरान बैगाई-गुनियाई की बात को लेकर विवाद और झूमाझटकी शुरू हो गई। आरोप है कि छत्तर सिंह और चैतराम ने मिलकर प्रेमसिंह के साथ मारपीट की और साड़ी से उसका गला कस दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद रची आत्महत्या की कहानी
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद दोनों आरोपियों ने हत्या के साक्ष्य छिपाने और मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। इसके लिए प्रेमसिंह के शव को उसी के घर के म्यार में साड़ी से फांसी पर लटका दिया गया।
घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने प्रेमसिंह की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने की बात स्वीकार की।
ससुर-दामाद गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में छत्तर सिंह बैगा (55), पिता पदम सिंह बैगा, निवासी ग्राम कांदावानी और चैतराम बैगा (26), पिता बुद्धसिंह बैगा, निवासी ग्राम बिजोराटोला कांदावानी को गिरफ्तार किया है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कुकदूर में अपराध क्रमांक के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 एवं 3(5) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। दोनों को 13 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा, उपनिरीक्षक गोविंद चन्द्रवंशी, सहायक उपनिरीक्षक शिवेन्द्र मोहन उपाध्याय, प्रधान आरक्षक हिरेन्द्र प्रताप सिंह, आरक्षक कृष्णकुमार धुर्वे, संदीप पाण्डेय, दूजराम सिन्द्राम, सुनील नायक, राजू निषाद एवं डीएसएफ आरक्षक शिवचरण यादव का विशेष योगदान रहा।
पुलिस की जांच ने जिस घटना को शुरुआत में आत्महत्या माना जा रहा था, उसकी कड़ियां जोड़ते हुए कथित हत्या तक पहुंचाई। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायालय के समक्ष पेश किए जा चुके हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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