बस्तर में 'बस्तर रेजिमेंट' का गठन क्षेत्रीय विकास, रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम: संतोष चंद्रवंशी
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा केंद्र सरकार से भारतीय सेना में 'बस्तर रेजिमेंट' के गठन की औपचारिक मांग किए जाने के बाद प्रदेश भर में इसका स्वागत हो रहा है। इस संबंध में अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश विस्तारक संतोष चंद्रवंशी ने इस पहल को बस्तर के युवाओं के भविष्य, क्षेत्रीय शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक युगांतरकारी निर्णय बताया है। उन्होंने गृहमंत्री विजय शर्मा के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मांग बस्तर की वर्षों पुरानी जनभावनाओं का सम्मान करती है।
गौरतलब है कि गृहमंत्री विजय शर्मा ने 26 जून 2026 को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर भारतीय सेना के अंतर्गत एक समर्पित 'बस्तर रेजिमेंट' स्थापित करने का अनुरोध किया था। वर्तमान में यह प्रस्ताव केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के समक्ष विचाराधीन है और रक्षा मंत्रालय ने जनभावनाओं की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए इस पर आगे की जांच प्रक्रिया प्रारंभ करने का आश्वासन दिया है।
गुरिल्ला युद्ध में निपुण स्थानीय युवाओं को मिलेगा सही मंच
संतोष चंद्रवंशी ने कहा कि बस्तर के स्थानीय और आदिवासी युवा विषम परिस्थितियों, घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में रहने के कारण प्राकृतिक रूप से गुरिल्ला युद्ध कला में पारंगत होते हैं। यदि इनकी इस अद्वितीय क्षमता, साहस और शौर्य का उपयोग देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में किया जाए, तो इसके अभूतपूर्व परिणाम सामने आएंगे।
उन्होंने जोर देकर कहा, "बस्तर की भूमि का इतिहास शौर्य, बलिदान और देशभक्ति का रहा है। बस्तर रेजिमेंट का गठन होने से यहाँ के युवाओं की प्रतिभा को एक सुव्यवस्थित राष्ट्रीय मंच मिलेगा, जिससे वे गर्व के साथ राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र रक्षा में अपनी अग्रणी भूमिका निभा सकेंगे।"
सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण का नया दौर
प्रदेश विस्तारक चंद्रवंशी ने कहा कि भारतीय सेना में 'बस्तर रेजिमेंट' का गठन केवल एक सैन्य विस्तार मात्र नहीं है, बल्कि यह बस्तर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक कायाकल्प का सशक्त माध्यम बनेगा।
- रोजगार के नए अवसर: बस्तर रेजिमेंट के बनने से बस्तर और आसपास के आदिवासी बहुल जिलों के हजारों युवाओं को सेना में सीधी भर्ती के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। इससे क्षेत्र में बेरोजगारी की समस्या दूर होगी।
- अनुशासन और मुख्यधारा से जुड़ाव: सैन्य प्रशिक्षण और सेवा से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना और अधिक प्रगाढ़ होगी, जिससे वे क्षेत्र के विकास में सकारात्मक योगदान देंगे।
- क्षेत्रीय विकास की गति: जब युवाओं के पास रोजगार और सम्मानजनक जीवन होगा, तो इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और विकास की नई राहें खुलेंगी।
जनभावनाओं की जीत, जल्द पूरा होगा सपना
संतोष चंद्रवंशी ने आगे कहा कि बस्तर की जनता लंबे समय से इस प्रकार की रेजिमेंट की मांग कर रही थी। रक्षा मंत्रालय द्वारा इस मांग को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक प्रक्रिया की शुरुआत करना स्थानीय युवाओं के विश्वास को मजबूत करने वाला कदम है।
उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, "हमें केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय और राज्य के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है कि बस्तरवासियों का यह सपना जल्द ही साकार होगा। यह निर्णय छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्र सेवा का वो गौरवशाली अवसर प्रदान करेगा, जिसका वे वर्षों से इंतजार कर रहे थे।"

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