Government New College Kui-Kukdur launched Student Support Fund | कबीरधाम के गरीब विद्यार्थियों के लिए विद्यार्थी सहायता कोष शुरू
कुई-कुकदूर, कबीरधाम। वनांचल क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने और उनकी पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण बीच में न छूटे, इसके लिए शासकीय नवीन महाविद्यालय, कुई-कुकदूर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। महाविद्यालय प्रशासन ने 'विद्यार्थी सहायता कोष' (Student Support Fund) की स्थापना की घोषणा करते हुए समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, पूर्व विद्यार्थियों एवं सक्षम लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी. ए. धनश्याम द्वारा 17 जुलाई 2026 को जारी अपील में कहा गया है कि वनांचल क्षेत्र के अनेक छात्र-छात्राएं प्रतिभाशाली होने के बावजूद आर्थिक कठिनाइयों के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। कई विद्यार्थी कॉलेज में प्रवेश लेने से वंचित रह जाते हैं, जबकि कुछ प्रवेश लेने के बाद भी परीक्षा शुल्क जमा नहीं कर पाने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते। ऐसे हालात उनके शैक्षणिक जीवन और भविष्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
फीस, यूनिफॉर्म और किताबों का खर्च बन रहा बड़ी चुनौती
महाविद्यालय द्वारा जारी अपील के अनुसार, क्षेत्र के अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए Admission Fee, Examination Fee, College Uniform, Books और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री का खर्च उठाना आसान नहीं होता। परिणामस्वरूप कई होनहार छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बीच में ही रुक जाती है।
महाविद्यालय का मानना है कि यदि समय पर आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए तो ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित होने से बचाया जा सकता है और वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए बनेगा सहायता कोष
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए महाविद्यालय ने 'विद्यार्थी सहायता कोष' की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इस कोष में प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग केवल आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता के लिए किया जाएगा। सहायता राशि का उपयोग प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क, यूनिफॉर्म, पुस्तकों एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।
महाविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सहायता कोष में प्राप्त राशि का पूरा लेखा-जोखा महाविद्यालय स्तर पर सुरक्षित रखा जाएगा तथा इसका उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ केवल विद्यार्थियों के हित में किया जाएगा।
समाज से की गई संवेदनशील अपील
महाविद्यालय ने अपनी अपील में कहा है कि शिक्षा केवल किसी एक विद्यार्थी का भविष्य नहीं बदलती, बल्कि पूरे समाज के विकास का आधार बनती है। ऐसे में यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करता है तो आर्थिक अभाव के कारण किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
महाविद्यालय ने विशेष रूप से सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों (Alumni) और आम नागरिकों से इस अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
वनांचल के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
कुई-कुकदूर और आसपास का क्षेत्र वनांचल क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, जहां आज भी अनेक परिवार सीमित संसाधनों के बीच अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में महाविद्यालय की यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना भी है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के सहायता कोष को समाज का व्यापक सहयोग मिलता है, तो आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस नंबर पर कर सकते हैं सहयोग
महाविद्यालय ने सहयोग करने के इच्छुक लोगों से श्री रामरती निषाद, सहायक प्राध्यापक से संपर्क करने की अपील की है।
मोबाइल: 8982341115
प्राचार्य की अपील
प्राचार्य डॉ. जी. ए. धनश्याम ने अपने संदेश में कहा है कि आर्थिक अभाव किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा नहीं बनना चाहिए। समाज के सामूहिक सहयोग से अनेक जरूरतमंद विद्यार्थियों का भविष्य संवारा जा सकता है। उन्होंने सभी सक्षम नागरिकों से इस सामाजिक पहल में सहभागिता निभाने का आग्रह किया है।

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